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Friday, February 5, 2021

तेरी अपार महिमा कैसे बयान होवे -सत्यपाल पथिक। -Lyrics

 





















तेरी अपार महिमा कैसे बयान होवे, =2
कुछ बोलने से पहले गूंगी ज़बान होवे।
तेरी अपार महिमा कैसे बयान होवे=2

भगवन तुमसे बढ़ कर दुनिया में कौन होगा =2
अब तक नहीं मिला जो तेरे समान होवे।
तेरी अपार महिमा कैसे बयान होवे, तेरी अपार महिमा।

तेरी महानता की सीढ़ी को छू न पाए =2
दुनिया में कोई चाहे इतना महान होवे।
तेरी अपार महिमा कैसे बयान होवे, तेरी अपार महिमा।

जिस आदमी के सर पर करुणा का हाथ रख दे =2
उसकी हर एक मुश्किल पल में आसान होवे।
तेरी अपार महिमा कैसे बयान होवे, तेरी अपार महिमा।

जीवन में लोग तुझको पहले नहीं बुलाते=2
तब पथिक याद करते जब लब पे जान होवे।
तेरी अपार महिमा कैसे बयान होवे, तेरी अपार महिमा।

तेरी अपार महिमा कैसे बयान होवे, =2
कुछ बोलने से पहले गूंगी ज़बान होवे।
तेरी अपार महिमा कैसे बयान होवे=2

 -सत्यपाल पथिक।

Saturday, December 7, 2019

प्रभु नाम के अमृत रस का जो प्राणी पान करेगा - Lyrics


प्रभु नाम के अमृत रस का जो प्राणी पान करेगा-२
उसकी बुद्धि को निर्मल-२ निश्चय भगवान करेगा।
प्रभु नाम के अमृत रस का जो प्राणी पान करेगा।

जो सुबह शाम निज मन से भगवान पे ध्यान लगाये।-२
ह्रदय रूपी शीशे का सब जमा मैल धुल जाये।
सत्संग ज्ञान गन्गा में-२ मल-मल स्नान करेगा।
प्रभु नाम के अमृत रस का जो प्राणी पान करेगा।

प्रभु सत्य न्याय करता है ऐसा उसको पहचाना-२
कण-कण रमा है प्यारा नहीं उसका एक ठिकाना।-२
फिर परमेश्वर से दोखा-२ न कोई इन्सान करेगा।
प्रभु नाम के अमृत रस का जो प्राणी पान करेगा।

विषयो से मन हट जाये कर जाएँ व्यसन किनारा-२
शुभ कर्म में लगन लगा ले यदि चाहे तू निस्तारा-२
जैसा कोई कर्म करेगा-२, वैसा भुक्तान करेगा।
प्रभु नाम के अमृत रस का जो प्राणी पान करेगा।

सारे जीवन का लेखा जब देखेगा न्यायकारी-२
शुभ-अशुभ कर्म सब तेरे आयेंगे सभी अगारी-२
राघव वही पार हुआ-२, जो ना अभिमान करेगा।
प्रभु नाम के अमृत रस का जो प्राणी पान करेगा।
उसकी बुद्धि को निर्मल-२ निश्चय भगवान करेगा।
प्रभु नाम के अमृत रस का जो प्राणी पान करेगा।

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